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भाभी की चूत की प्यास -2


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hindi sex stories फिर भैया के हटने पर मैंने देखा कि भाभी अपनी चूत की खुजली अपनी उंगली डालकर शांत कर रही थी, तो में वापस अपने कमरे में लौट आया। अब मुझे यह समझने में देर नहीं लगी कि भाभी की जवानी प्यासी है और भैया अपने काम के बोझ में इतने दबे है कि थककर जल्दी सो जाते है। अब मेरे मन में 19 साल में ही अपने लंड की प्यास बुझाने का सामान नजर आ गया था। अब बस भाभी को पटाने की देर थी कि किसी भी तरह से उनके मन में अपने लिए आकर्षण पैदा कर दूँ तो फिर मुझे चूत खाने को मिल सकती है। अब में अक्सर भाभी के काम कर दिया करता था, अब मेरी उनसे जान पहचान तो हो गयी थी। अब मुझे चूत की चुदाई के लिए थोड़ी हिम्मत करनी थी, में जानता तो था ही कि वो प्यासी है।

फिर एक दिन भाभी ही बोली कि भैया काम से 7 दिन के लिए बाहर जा रहे है। फिर बस मैंने प्लान बना लिया कि कुछ भी हो जाए आज रात भाभी की ब्रा खोलकर उनकी चूची को पीना है और उनकी मक्खन सी मुलायम चूत में अपना लंड डालना है। फिर मैंने उस दिन सुबह लुंगी पहनी और जानबूझ कर अंडरवेयर नहीं पहना और सुबह देर तक सोने का बहाना बनाकर मेरे कमरे में ही लेटा रहा। अब मैंने जानबूझ कर मेरी दोनों टांगो को थोड़ा फैला दिया था, ताकि भाभी जब कमरे में मुझे जगाने आए तो वो मेरे लंड को देख सके। अब में उनके ही सपने में खोया था कि मुझे उनके मेरे कमरे की तरफ आने की आवाज़ आ गयी। अब उनके ख्याल आने से मेरे लंड में कड़कपन आ गया था और वो तनकर खड़ा था। फिर भाभी जैसे ही मेरे कमरे में आई तो मैंने अपनी आँखे बंद कर ली। फिर वो मेरे पास आकर मुझे जगाकर बोली कि तो अब तुम जवान हो गये हो। फिर मैंने तुरंत पूछा कि यह तुम्हें किसने बता दिया? तो वो मेरे लंड को दबाते हुए बोली कि आज सुबह इसने ही बताया है और फिर उन्होंने आँख मार दी।

अब में समझ गया था कि मामला जम गया है तो मैंने तुरंत उनको अपनी बाहों में जकड़ लिया और उनके होंठो को अपने मुँह में लेकर चूसने लगा। अब वो नहाकर आई थी तो उनके जिस्म की खुशबू मुझे दीवाना बना रही थी। फिर मैंने उनका ब्लाउज ऊपर से अच्छे से मसला और फिर उसके बटन खोलने लगा, अब वो मेरा पूरा सहयोग कर रही थी। फिर उनके ब्लाउज को खोलने के बाद में उनकी ब्रा को खोलकर उनकी गोल-गोल, मस्त चूचीयों को अपने दोनों हाथों में भरकर मसाज करते हुए उनके निप्पल को पीने लगा और उनको पूरा चूमा चाटा। फिर क्या था? अब हम दोनों को ही बहुत मजा आ रहा था। फिर मैंने उनकी नाभि में शक्कर डालकर बहुत देर तक चाटी और फिर में फ्रिज से कोक लाया और ठंडी कोक को उनकी नाभि में डालकर पीने लगा तो तब उनकी छाती में कुछ आराम आया। अब जवानी की आग भला ऐसे कैसे शांत होती? तो अब में उनका पेटिकोट उतारकर उनकी दोनों टांगे फैलाकर उनकी चूत को अपनी दो उंगलियों से फैलाकर अपनी जीभ बाहर निकालकर ऊपर से नीचे फिर नीचे से ऊपर लप-लप चाट रहा था और 8 मिनट तक मज़े से चाटता रहा।

अब उनकी आँखों में नशा चढ़ रहा था और मेरा लंड भी गर्म रोड की तरह होकर चूत चोदने को बेताब था। फिर मैंने उनकी चूत के अंदर बाहर भी अपनी जीभ चलाई और साथ ही अपनी दो उंगलियाँ भी अंदर बाहर करता रहा, तो वो स्सस्सस्सस आहहहहहहह करने लगी। अब वो मेरे ऊपर लेट गयी थी और फिर मेरे लंड की तरफ झुकी और फिर उन्होंने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़कर अपनी जीभ निकालकर मेरे लंड को चाटना शुरू कर दिया। अब में मस्त हो चला था, अब में जल्दी से मेरे लंड को उनकी चूत में अंदर करना चाहता था। अब वो अपनी दोनों टांगे फैलाकर लेट गयी थी। फिर मैंने मेरा लंड उसकी चूत पर रखा और एक धक्का मारा तो मेरा लंड फिसलता हुआ उसकी गर्म-गर्म चूत में दाखिल हो गया। फिर मैंने 5 मिनट तक उनको जमकर चोदा और फिर झड़ गया और फिर यह सिलसिला रुका नहीं। फिर थोड़ी देर के बाद हम फिर से लिपट गये और में उनकी कसी चूत की गहराई नापने में लग गया। उस दिन मैंने उन्हें 3 बार चोदा और तब से में अपनी सेक्सी भाभी का हरामी देवर बन गया हूँ। मेरी चुदाई से भाभी बहुत खुश है, आख़िर 19 साल का कड़क लंड जो था। भाभी अक्सर कहती है कि यह प्यास बड़ी है और यह चूत माँगे मोर ।।

धन्यवाद …

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