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नौकरानी को देख कर मूड खराब हो गया


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मेरा नाम अंकित है मैं नोएडा में रहता हूं, मैं कंपनी में मैनेजर के पद पर हूं और मेरी उम्र 37 वर्ष है। मेरे साथ मेरे माता-पिता और मेरी पत्नी गीतिका रहती है, मेरे दो बच्चे भी हैं जो अभी स्कूल में पढ़ रहे हैं। मैं ही उन्हें सुबह स्कूल छोड़ने जाता हूं और दोपहर के वक्त मेरी पत्नी उन्हें स्कूल से लाती है क्योंकि वह घर पर ही रहती है। शादी से पहले वह स्कूल में पढ़ाती थी लेकिन अब उसे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता क्योंकि हमारे घर का सारा काम वही देखती है। मेरे माता-पिता की उम्र भी काफी ज्यादा है इसलिए वहीं उनकी देखभाल करती है इसी वजह से उसे वहां नौकरी छोड़नी पड़ी लेकिन वह मुझसे कई बार कहती है कि मैं दोबारा से किसी स्कूल में पढ़ाना चाहती हूं, मैं उसे कहता हूं कि यदि तुम्हारी इच्छा है तो तुम देख लो लेकिन वह कहती है कि फिर घर का ध्यान कौन रखेगा और बच्चों को भी स्कूल से लाना होता है, यह सब काम कौन करेगा।

मैंने उसे कहा कि कुछ समय तुम घर का काम संभाल लो, उसके बाद हम लोग कुछ सोचते हैं यदि तुम्हें कहीं अच्छी नौकरी मिलती है तो तुम कहीं नौकरी कर सकती हो लेकिन गीतिका कहीं नौकरी नहीं कर रही थी, वह सिर्फ अपने घर के कामों में ही उलझी रहती थी इसलिए उसे अपने लिए बिल्कुल भी समय नहीं मिल पाता था और ना ही उसके पास इतना समय होता था कि वह कुछ और काम कर पाए। गीतिका मुझसे कहने लगी कि अब मैं घर में बहुत ज्यादा बोर होने लगी हूं। तुम मेरी नौकरी के लिए हां कर दो तो मैं कहीं पर नौकरी कर लुंगी। मैंने उसे कहा हम लोग एक काम करते हैं अभी कुछ दिनों बाद हमें गांव जाना है, गांव से आने के बाद तुम कहीं पर नौकरी कर लेना क्योंकि हमें गांव में हमारे रिश्तेदार की शादी में जाना था, इस वजह से मैं नहीं चाहता था कि वह उस बीच में कहीं नौकरी करें और हमारा गांव जाने का प्रोग्राम कैंसिल हो जाए। वह मेरी बात को मान गई और हमारी पूरी फैमिली गांव चली गई। जब हम लोग गांव गए थे, तो हमारे रिश्तेदार हमसे मिलकर बहुत खुश हुए और कहने लगे कि तुम लोग काफी समय बाद गांव आ रहे हो, मैंने उन्हें कहा कि मुझे बिल्कुल भी वक्त नहीं मिल पाता इसी वजह से मैं गांव नहीं आता हूं और लोग मेरे माता-पिता से मिल कर भी खुश है क्योंकि मेरे माता-पिता भी गांव नहीं जाते। हम लोगों ने जब अपने गांव के मकान की स्थिति देखी तो वह काफी पुराना हो चुका था इसी वजह से हम लोग हमारे चाचा के घर पर ही रुके हुए थे।

हमारे चाचा अभी गांव में रहते हैं और वह गांव में खेती बाड़ी का काम संभालते हैं। मैं अपने चाचा से कहने लगा कि आप लोग तो कभी भी नोएडा नहीं आते हो, वह कहने लगे कि हमारे पास बिल्कुल वक्त होता ही नहीं है क्योंकि खेती के काम से समय निकाल पाना बहुत मुश्किल है। मेरे चाचा चाची का व्यवहार बहुत ही अच्छा है और वह बहुत ही अच्छे हैं। मेरे चाचा कहने लगे कि हमारे पड़ोस मे ही एक परिवार रहता है वह बहुत ही गरीब है यदि तुम उनके लिए कहीं कुछ काम देख सको तो देख लो। मैंने उनसे पूछा कि उनके घर में कौन-कौन है, वह कहने लगे कि उनके घर में उनकी एक लड़की है, वह मुझसे कह रही थी यदि आप कहीं मेरे लिए कुछ काम देख सके तो मुझे बता दीजिए। मैंने उसे कहा कि आप उन्हें मुझ से मिलवा दीजिए, तो मेरे चाचा कहने लगे कि हम लोग उनके घर पर ही चल पड़ते हैं। वह मुझे उनके घर ही लेकर चले गए। जब वह मुझे उनके घर ले गए तो उनके घर की स्थिति वाकई में बहुत ज्यादा बुरी थी। उनके घर की स्थिति  देख कर पता चल रहा था कि वाकई में वह लोग बहुत परेशान हैं, इसी वजह से वह लोग चाहते हैं कि कहीं उनकी लड़की कोई काम कर ले। जब उन्होंने मुझे अपनी लड़की से मिलाया तो उसकी उम्र 21 वर्ष की रही होगी। मैंने उसे पूछा कि क्या तुमने पढ़ाई भी की है तो वह कहने लगी कि मैंने 12वीं तक पढ़ाई की है, उसके बाद मैंने अपनी पढ़ाई छोड़ दी थी। मैंने उसे कहा कि तुम क्या काम करना चाहती हो, वह कहने लगी कि मुझे तो कुछ भी ऐसा नहीं आता कि जो मैं आपको बता सकूं कि मैं क्या काम कर पाऊंगी। मैंने उसे कहा कि तुम यदि मेरे घर पर मेरे बच्चों को संभालने और हमारे घर का खाना बनाने का काम करो तो मैं तुम्हें अपने साथ ही रख सकता हूं।

उसके पिताजी कहने लगे कि हम लोग इस बारे में सोच कर आपको बता देंगे। मैंने उन्हें कहा कि अभी मैं कुछ दिनों तक यहां पर हूं यदि आपको उचित लगे तो आप मेरे साथ ही लता को भेज सकते हैं। उसके पिताजी बहुत ही चिंतित हो रहे थे और वह कह रहे थे कि यदि मेरी तबीयत खराब ना होती तो शायद हम दोनों की यह स्थिति नहीं होती लेकिन मेरे स्वास्थ्य ने मेरा साथ नहीं दिया इस वजह से मेरी दवाइयों पर बहुत ज्यादा खर्चा होता है। हम लोग उनके घर पर काफी देर तक बैठे हुए थे, उसके बाद जब हम लोग अपने चाचा के घर पर आए तो मेरे चाचा मुझे रास्ते में कहने लगे कि तुम देख लेना यदि कहीं और भी तुम्हें कोई अच्छी नौकरी मिले तो लता को तुम वहां पर लगवा देना। मैंने उन्हें कहा कि आप उसकी चिंता मत कीजिए यदि वह लोग लता को मेरे साथ भेज देते हैं तो मैं उसकी नौकरी अच्छी जगह लगवा दूंगा। अब हम लोग शादी में ही व्यस्त रहे और जब शादी खत्म हो गई तो उसके बाद मैं नोएडा वापिस जाने की तैयारी कर रहा था। उस वक्त लता मेरे पास आई और कहने लगी कि मैं आपके साथ नोएडा आने के लिए तैयार हूं। मैंने अपनी पत्नी से लता को मिलाया और उसका परिचय करवाया। मैंने लता से कहा कि ठीक है तुम अपना सामान ले लो जो तुम्हें सामान लेना है और तुम हमारे साथ चलो, वह हमारे साथ आ गई और अब वह हमारे घर पर ही काम कर रही है।

मैंने अपनी पत्नी से कहा कि तुम यदि कहीं पर नौकरी करना चाहती हो तो तुम अप्लाई कर सकती हो क्योंकि पता अब घर का काम संभाल लेगी। मेरी पत्नी ने भी स्कूल में अप्लाई कर दिया और उसकी नौकरी भी लग गई। जब उसकी नौकरी लग गई तो वह बहुत ही खुश थी और वह बहुत ही अच्छी तनख्वाह पर उस स्कूल में लगी थी क्योंकि अब लता घर का काम संभालने लगी थी इसलिए मेरी पत्नी बिल्कुल ही निश्चित थी और वह अपने स्कूल में बच्चों को पढ़ा सकती थी इसलिए उसे घर की बिल्कुल भी चिंता नहीं थी क्योंकि पहले तो वह मेरे माता-पिता और बच्चों की चिंता करती थी लेकिन अब लता घर का बहुत ही अच्छे से ध्यान रखती थी और बहुत सारा काम खुद ही संभाल लेती थी इसलिए गीतिका भी निश्चित थी और मैं भी बिल्कुल निश्चिंत हो गया। अब मैं भी अपने ऑफिस का काम करता था और अपने घर लौट आता था। घर में सारी साफ सफाई का काम लता करती थी और वह बच्चों को भी देखती थी। वह स्कूल से बच्चों को ले आती थी और मेरे माता-पिता का ध्यान भी वही रखती थी। वह हमारे घर के सदस्य की तरह हो चुकी थी। मेरी पत्नी भी उसे बहुत अच्छा मानती है और उसके लिए वह हर महीने कुछ कपड़े ले लिया करती है और मैं उसे समय पर पैसे दे देता हूं जिससे कि वह कुछ पैसे अपने घर पर भिजवा देती है और कुछ पैसे अपने खर्च के लिए अपने पास ही रखती है। मेरी पत्नी भी अपने स्कूल के प्रोजेक्ट के सिलसिले में बिजी रहती थी और उसके पास भी बिल्कुल समय नहीं होता था। मेरे पास भी ज्यादा वक्त नहीं होता था। गीतिका का इस वक्त बहुत ज्यादा बिजी थी और वह स्कूल से बहुत लेट आती थी। मैं ऑफिस से जल्दी आ गया था मै अपने कमरे में ही में बैठा था कभी कभार मैं गाने सुन लिया  करता लेकिन गीतिका को बहुत लेट हो जाती थी। एक दिन लता के साथ में बात करने लगा और वह मेरे कमरे में ही बैठी हुई थी। वह मुझसे बात कर रही थी उसके बाद वह खड़ी उठकर बाथरूम में चली गई जब वह बाथरूम में गई तो उसकी गांड मैंने ध्यान से देखी तो मुझे उसे देख कर बहुत मजा आने लगा।

जब वह वापस लौटी तो मैंने उसे कसकर पकड़ लिया मैंने उसे इतनी जोर से दबाया कि उसका पूरा शरीर गर्म होने लगा। मैंने उसकी गांड को भी दबाना शुरू कर दिया मैंने जब उसके सलवार को नीचे किया तो उसकी गांड बहुत बड़ी बड़ी थी। मैंने उसकी गांड को चाटना शुरू कर दिया और कुछ देर बाद मैंने उसके होठों को किस करना शुरू कर दिया। मैंने उसे बहुत अच्छे से किस किया और उसे भी बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसे किस कर रहा था वह मुझे कहने लगे कि आप तो मुझे बहुत ही अच्छे से किस कर रहे हैं। मैंने उसे कहा कि तुम बस मेरा साथ देती रहो  मैंने उसे अपने बिस्तर पर लेटा दिया और जब मैंने उसे नंगा किया तो उसका पूरा बदन मेरे सामने था उसके कमसिन बदन को देखकर मुझसे बिल्कुल भी नहीं रहा गया और मैंने उसके दोनों पैरों को खोलते हुए उसकी योनि के अंदर अपने लंड को डाल दिया। जब मेरा लंड उसकी योनि के अंदर गया तो वह चिल्ला उठी और बहुत तेज आवाज में वह चिल्लाने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था जब मैं उसे झटके दिए जाता मुझे उससे चोदने में बहुत आनंद आ रहा था और मैंने उसके दोनों पैरों को भी चौड़ा कर लिया। मैंने जब उसकी योनि को देखा तो उससे खून निकल रहा था मैं उसे बड़ी तीव्र गति से धक्के दे रहा था। उसकी चूतडे पूरी लाल हो चुकी थी और मेरा लंड भी बुरी तरीके से छिल चुका था लेकिन उसे चोदने में जो आनंद मिला वह आनंद आज तक मुझे कभी भी मेरी पत्नी के साथ सेक्स करने में नहीं मिला। अब मेरा वीर्य गिरने वाला था मैंने उसकी चूत से अपने लंड को बाहर निकालते हुए उसके मुंह में डाल दिया। वह मेरे लंड को चूसने लगी मेरा वीर्य उसके मुंह के अंदर ही गिर गया।

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